कौशल विकास और निजी क्षेत्र

  • Devendra Kr Pandey Director Outcome - AUMP Amity Business School Amity University Madhya Pradesh Maharajpura, Gwalior-474005-India
Keywords: कौशल विकास, रोजगार सृजन, अर्थव्यवस्था.

Abstract

भारत में प्रतिवर्ष 1.20 करोड़ लोग श्रम शक्ति में प्रवेश करने वालों में केवल  2% ही होते हैं जिन्हें औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त होता है.  इसलिए श्रम शक्ति का पूर्ण उपयोग करने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता पर ध्यान  केंद्रित करते हुए युवाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता है. फोर्ब्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2022 तक 50 करोड़  प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी. सर्वाधिक 3.5 करोड़ प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में होगी.  इसके उपरांत 3.3 करोड़ प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता  बिल्डिंग एवं कंस्ट्रक्शन सेक्टर में होगी. इतने बड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सरकार अकेले नहीं कर सकती है. इसके लिए  निजी क्षेत्र का सहयोग अपरिहार्य है.  

References

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Published
2018-05-29
Section
Articles