सार्वजनिक पुस्‍तकालय अधिनियम की प्रासंगिकता

  • Santosh Kapse Govt. College, Bothani
Keywords: सार्वजनिक पुस्‍तकालय, अधिनियम की प्रासंगिकता

Abstract

ज्ञान एवं सूचना मानव के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है !  जिनमें सार्वजनिक पुस्तकालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है !  यह पुस्तकालय समाज सुधारकों, वैज्ञानिकों, वकीलों, डॉक्टर, इंजीनियर, साहित्यकार, अध्यापक, विद्यार्थियों, शोधार्थियों आदि सभी को समान रूप से सेवा प्रदान करती है! क्योंकि देश में इन पुस्तकालयों का व्यापक जालक्रम फैला है !  जिसके लिऐ स्‍पस्‍ट निति-निर्धारित करने की आवश्‍यकता महसूस की  जाती है !  जो  कि  अधिनियम के माध्‍यम  से  ही  संभव हो  सकती है !  पुस्‍तकालय सेवा कों प्रभावी बनाने के  लिऐ  सार्वजनिक पुस्‍तकालय अधिनियम के  माध्‍यम  में  पुस्‍तकालयों के बेहतर संचालन प्रबंधन एवं  व्‍यवस्‍थापन जैसे महत्‍वपूर्ण तथ्‍यों  का  इस शोधपत्र में  विष्‍लेषण किया गया  है !
Published
2018-06-27
Section
Articles